Third Party Insurance: अक्सर हम सड़क पर पुलिस को देखकर रास्ता बदल लेते हैं या हेलमेट ठीक करने लगते हैं, ताकि Traffic Rules Violation Fine (चालान) से बच सकें। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ट्रैफिक चालान तो महज कुछ हजार रुपयों का होता है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही आपको लाखों और करोड़ों रुपये का कर्जदार बना सकती है?
जी हाँ, हम बात कर रहे हैं ‘Third Party Insurance’ की। अगर आपकी गाड़ी का बीमा नहीं है और उससे कोई एक्सीडेंट हो जाता है, तो सामने वाले व्यक्ति के इलाज या नुकसान का पूरा पैसा आपको अपनी जेब से देना पड़ सकता है। इसमें आपका घर, जमीन और जमा-पूंजी सब दांव पर लग सकती है।
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सड़कों पर खतरा: 50% गाड़ियां बिना इंश्योरेंस के
देश में सड़क सुरक्षा सप्ताह (Road Safety Week) के दौरान IRDAI Guidelines और आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सड़कों पर दौड़ रही 50% से ज्यादा गाड़ियां बिना इंश्योरेंस के हैं। लोग सोचते हैं कि “मैं तो धीरे चलाता हूँ, मुझे क्या होगा?” लेकिन एक्सीडेंट कभी बताकर नहीं आता।
अगर इंश्योरेंस नहीं हुआ तो क्या होगा? (The Real Danger)
मान लीजिए आपकी बाइक या कार से किसी राहगीर को टक्कर लग गई।
- अगर इंश्योरेंस है: तो कोर्ट जो भी मुआवजा (Compensation) तय करेगा, वो बीमा कंपनी देगी।
- अगर इंश्योरेंस नहीं है: तो मुआवजे की एक-एक पाई आपको (मालिक को) देनी होगी। कई मामलों में कोर्ट ने पीड़ितों को 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का मुआवजा देने का आदेश दिया है। क्या आपकी जेब इसके लिए तैयार है?
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या है? (What is Third Party Insurance)
बहुत से लोग कंफ्यूज रहते हैं और गूगल पर सर्च करते हैं कि आखिर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या है? इसे आसान भाषा में समझें:
- First Party: आप (गाड़ी मालिक)।
- Second Party: बीमा कंपनी।
- Third Party: वो इंसान जिसे आपकी गाड़ी से टक्कर लगी है (पैदल यात्री या दूसरी गाड़ी वाला)।
IFFCO TOKIO की मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निहारिका सिंह बताती हैं, “थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का मकसद गाड़ी मालिक को कानूनी मुकदमों और आर्थिक बर्बादी से बचाना है। यह आपकी गाड़ी का नुकसान नहीं भरता, बल्कि आपके द्वारा दूसरों को हुए नुकसान की भरपाई करता है।”
यहाँ समझना जरुरी है कि Third Party vs Comprehensive इंश्योरेंस में क्या फर्क है। मोटर इंश्योरेंस मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं—पहला ‘Comprehensive’ (कम्प्रीहेंसिव) और दूसरा ‘Third Party’। अगर आप ‘कम्प्रीहेंसिव’ पॉलिसी लेते हैं, तो एक्सीडेंट में आपकी अपनी गाड़ी की टूट-फूट का खर्चा भी बीमा कंपनी देती है। लेकिन अगर आप सस्ता यानी सिर्फ ‘थर्ड पार्टी’ इंश्योरेंस लेते हैं, तो कंपनी आपकी गाड़ी के नुकसान का एक रुपया भी नहीं देगी; वो केवल सामने वाले व्यक्ति या उसकी गाड़ी के नुकसान की भरपाई करेगी।
हालांकि, कानूनन सड़क पर गाड़ी चलाने के लिए कम से कम ‘थर्ड पार्टी’ का होना अनिवार्य है, कम्प्रीहेंसिव आपकी अपनी सुरक्षा और मर्जी पर निर्भर करता है।”
Bike Insurance Price List 2026 और Four Wheeler Insurance Price List 2026 के नए रेट्स:
बीमा कराना चालान भरने से भी सस्ता है। अगर आप Four Wheeler Insurance Price List 2026 या Bike Insurance Price List 2026 के रेट्स ढूंढ रहे हैं, तो यहाँ देखिये सरकार द्वारा तय किए गए बेस प्रीमियम रेट्स (Base Premium Rates):
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बेस प्रीमियम रेट्स
| इंजन क्षमता (Engine Capacity) | सालाना प्रीमियम (Annual Premium) |
|---|---|
| 🛵 Two-Wheeler Third Party Insurance (Rates) | |
| 75 cc तक (Up to 75cc) | ₹538 |
| 75 cc से 150 cc | ₹714 |
| 150 cc से 350 cc | ₹1,366 |
| 350 cc से ऊपर (Above 350cc) | ₹2,804 |
| 🚗 Four-Wheeler Third Party Insurance (Rates) | |
| 1000 cc तक (Small Cars) | ₹2,094 |
| 1000 cc से 1500 cc (Mid-Size) | ₹3,416 |
| 1500 cc से ऊपर (SUV/Luxury) | ₹7,897 |
(नोट: यह बेसिक थर्ड पार्टी प्रीमियम है। इसमें जीएसटी जुड़ने पर कीमत थोड़ी बढ़ सकती है।)
क्या यह कानूनन जरुरी है? (Legal Rules):

जी हाँ। Motor Vehicles Act, 1988 के तहत, भारत में किसी भी वाहन को सड़क पर चलाने के लिए कम से कम ‘थर्ड पार्टी इंश्योरेंस’ होना अनिवार्य (Mandatory) है। बिना इसके गाड़ी चलाने पर:
- भारी जुर्माना (Challan) लग सकता है।
- 3 महीने की जेल हो सकती है।
- गाड़ी जब्त (Seize) हो सकती है।
दोस्तों, महज ₹700-800 बचाने के चक्कर में आप अपनी जिंदगी भर की कमाई खतरे में न डालें। आज ही अपनी पॉलिसी चेक करें। अगर एक्सपायर हो गई है, तो तुरंत रिन्यू कराएं। याद रखें—बीमा सिर्फ पुलिस के लिए नहीं, आपके परिवार की सुरक्षा के लिए है।


