AI Healthcare Hackathon: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने रचा इतिहास
लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत।
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन की शुरुआत की, भारत को ग्लोबल एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग हब बनाने का लक्ष्य
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 की मेज़बानी की
एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 का आयोजन और उद्देश्य
भारत की पहली एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से अपनी तरह के पहले एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 का आयोजन किया। एआई कन्वर्जेंस समिट 2026, भारत सरकार द्वारा 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 के आधिकारिक प्री-रनअप इवेंट्स में से एक था।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी द्वारा आयोजित एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 में भारत सहित अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के एआई और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, पॉलिसीमेकर्स, ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, स्टार्ट-अप्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स, इन्वेस्टर्स और शिक्षाविदों ने एक मंच पर एकत्र होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत और उसके नागरिकों के लिए अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।
भारत का पहला AI Healthcare Hackathon और युवाओं की भागीदारी
एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 के तहत, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन भी आयोजित कर रही है, क्योंकि भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य को ‘हेल्थ एंड एआई’ की राष्ट्रीय थीम सौंपी गई है।
एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 में अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी, भारत और यूके से आए 70 से अधिक एआई एक्सपर्ट्स, रिसर्चर्स, हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स, स्टार्ट-अप लीडर्स, सीईओ, फाउंडर्स, अकादमिक विशेषज्ञ, सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि और इनोवेटर्स ने सहभागिता की।
देशभर से 1,500 टीमों के 5,000 से अधिक युवा प्रतिभागी एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन में हिस्सा ले रहे हैं, जहां युवा टेक्नोक्रेट्स और इंजीनियर्स द्वारा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन एआई सॉल्यूशंस पर काम किया जा रहा है। हेल्थकेयर क्षेत्र से जुड़े 100 से अधिक प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स सरकार और इंडस्ट्री द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं, जिन पर एआई-ऑगमेंटेड समाधान हैकाथॉन के दौरान विकसित और चर्चा के माध्यम से तैयार किए जा रहे हैं।
नीति, उद्योग और सरकार का सहयोग – AI इकोसिस्टम पर मंथन
एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 के बारे में जानकारी देते हुए, सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा,
“इस समिट का आयोजन युवा इनोवेटर्स को एक ऐसा मंच प्रदान करने के लिए किया गया है, जहां वे ग्लोबल एआई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से सीधे संवाद कर सकें और एआई एवं क्वांटम कंप्यूटिंग में हो रही टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स और उनके अनुप्रयोगों को समझ सकें।”
उन्होंने आगे कहा,
“यह समिट भारत के एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क को रियल-वर्ल्ड डिप्लॉयमेंट से जोड़ने का प्रयास है, जिससे सरकार, अकादमिक जगत, इंडस्ट्री और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बीच सहयोग को मजबूती मिल सके।”
इस समिट में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब, इंडिया एआई और डिजिटल इंडिया की सक्रिय सहभागिता और सहयोग रहा, जो इस आयोजन को मजबूत संस्थागत और पॉलिसी समर्थन प्रदान करता है।
क्वांटम फॉर भारत और एआई फॉर ऑल (AI for All)– भविष्य की राष्ट्रीय पहल

समिट के प्रमुख वक्ताओं में मुख्य अतिथि निवेदन राठी, फाउंडर, फ्यूचर एंड एआई; प्रसाद मेनन, सीईओ एवं प्रेसिडेंट, सीआईबीए, आईएसबीए; डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब; तेजा चिंतलपति, प्रिंसिपल मैनेजर, साइबर इनोवेशन, डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया; जेबीवी रेड्डी, मिशन डायरेक्टर, नेशनल क्वांटम मिशन; हिमांशु जोशी, डायरेक्टर, अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग; और संजीव सिंह, जॉइंट सेक्रेटरी, डीपीआईआईटी सहित अन्य अतिथि शामिल रहे।
समिट का प्रमुख आकर्षण “शेपिंग इंडिया’ज़ एआई एंड क्वांटम फ्यूचर: फ्रॉम पॉलिसी टू प्लेटफॉर्म्स” विषय पर आयोजित स्ट्रैटेजिक पॉलिसी डायलॉग रहा, जिसमें गवर्नेंस, डिफेंस, इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप्स और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में भारत की एआई और क्वांटम रणनीतियों के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय पहल “क्वांटम फॉर भारत” और “एआई फॉर ऑल (AI for All) ” मिशन की शुरुआत की गई, जिनका उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, नेक्स्ट-जेन टैलेंट डेवलपमेंट, ट्रेनिंग, अपस्किलिंग, रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, 21वीं सदी के शिक्षार्थियों को फ्यूचर-रेडी लर्निंग के माध्यम से एक होलिस्टिक अकादमिक अनुभव प्रदान करती है, जहां एआई-पावर्ड अकादमिक मॉडल और मल्टीडायमेंशनल फ्यूचरिस्टिक पर्सपेक्टिव को प्रभावी रूप से इंटीग्रेट किया गया है।
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